माल और सेवा कर – परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र विभिन्न माध्यमों से प्राप्त परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स पर जीएसटी से संबंधित प्रश्नों की समीक्षा कर प्राय: पूछे गये प्रश्नों का एक संकलन तैयार किया गया है। मैं एकल ट्रक मालिक-ऑपरेटर हूँ और मैं अधिकतर राज्यों के बीच अपना ट्रक चलाता हूँ तथा एजेंटों द्वारा बुक कराये गए माल की ढुलाई अपने ट्रक द्वारा करता हूँ, पिछले वर्ष के दौरान मेरे द्वारा दी गई सेवाओं का एग्रीगेट (सकल) मूल्य बीस लाख रुपए से अधिक था। क्या मुझे पंजीकरण कराना है? आपको पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सड़क के माध्यम से माल के परिवहन द्वारा दी जाने वाली सेवाएं छूट प्राप्त है। अधिसूचना संख्या 12/2017 – केन्द्रीय कर (दर) दिनाँक 28 जून, 2017 को देखें। मेरे पास एक ट्रक है और मैं इसे बड़ी कंपनियों, जो जीटीए सेवाएं देती हैं, को किराये पर देता हूँ, क्या मुझे पंजीकरण कराना होगा? क्या मेरी मासिक किराया/रेंटल आय पर जीएसटी लगेगा? पंजीकरण की आवश्यकता नही है, क्योंकि जीटीए को माल के परिवहन के साधनों को किराये पर देने की सेवाएं एन्ट्री नं. 22, अधिसूचना संख्या 12/2017 – केन्द्रीय कर (दर) दिनाँक 28 जून, 2017 के माध्यम से कर से छूट प्राप्त है। मैं अपने ट्रक में केवल फल एवं सब्जियों की ढुलाई करता हूँ, जिनकी परिवहन सेवा पर जीएसटी से छूट है, क्या मुझे पंजीकरण कराना चाहिए? जीटीए या अन्य कुरियर एजेंसी के अलावा सड़क द्वारा माल के परिवहन से संबंधित सेवाएं एन्ट्री नं. 18, अधिसूचना सं. 12/2017 – केन्द्रीय कर (दर) दिनाँक 28 जून, 2017 के अंतर्गत कर से छूट प्राप्त हैं, इसलिए आपको पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है। मैं एक ट्रक सप्लायर/ब्रोकर हूँ। मेरा कार्य ट्रक मालिकों के लिए ऑर्डर लेना है। मैं ट्रक मालिकों की ओर से जीटीए को परिवहन की दर बताता हूँ और ट्रक किराए पर लेने के लिए जीटीए से निर्धारित मूल्य में से छोटी सी राशि कमीशन के रूप में मिलती है। यह कमीशन ट्रक मालिकों द्वारा दी जाती है। चूँकि माल के परिवहन के द्वारा दी जाने वाली सेवाएं कर मुक्त होती है तो क्या मैं पंजीकरण कराने के लिए उत्तरदायी हूँ? यदि किसी भी वित्तीय वर्ष में आपको कमीशन के रूप में प्राप्त राशि 20 लाख रूपए (जम्मू और कश्मीर को छोड़कर, विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए 10 लाख रूपए) से अधिक है तो आप पंजीकरण कराने के लिए उत्तरदायी है। ट्रांसपोर्टर के रूप में क्या मुझे परिवहन सेवाओं से संबंधित रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता है? हाँ, सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 35 (2) के अनुसार आपको माल के बारे में कनसाइनर, कनसाइनी और माल के अन्य संबंधित विवरणों का रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, सीजीएसटी नियम 2017 के नियम 56 के अनुसार आपको अपनी प्रत्येक शाखा के लिए परिवहन, डिलीवरी और ट्रांजिट में भंडार किए गए माल के रिकॉर्ड के साथ-साथ पंजीकृत कनसाइनर और कनसाइनी का जीएसटीआईएन रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता है। क्या लीडिंग/अनलोडिंग,पैकिंग/अनपैकिंग और अस्थायी वेयर हाउसिंग जैसी विभिन्न मध्यस्थ और सहायक सेवाएं जो सड़क द्वारा परिवहन किए जाने वाले माल के संबंध में दी जाती है, उन्हें कंपोजिट सप्लाई होने के कारण जीटीए सेवा का हिस्सा माना जायेगा या इन सेवाओं को अलग सप्लाई के रूप में माना जायेगा? जीटीए किसी व्यक्ति को सड़क द्वारा माल के परिवहन के संबंध में की सेवाएं प्रदान करता है जो कि कंपोजिट सेवा है। कंपोजिट सेवा में लोडिंग/अनलोडिंग, पैकिंग/अनपैकिंग, ट्रांसशिपमेंट और अस्थायी वेयर हाउसिंग जैसी विभिन्न मध्यस्थ और सहायक सेवाएं शामिल हो सकती है जो सड़क द्वारा माल के परिवहन के दौरान प्रदान की जाती है। इन सेवाओं को अलग से प्रदान नहीं किया जाता परन्तु ये सेवाएँ मुख्य सेवा अर्थात सड़क द्वारा माल परिवहन की सहायक के रूप में प्रदान की जाती है। जीटीए द्वारा जारी किए जाने वाले इनर्वोयस में मध्यस्थ और सहायक सेवाओं के मूल्य शामिल होते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, सड़क द्वारा माल परिवहन के संबंध में, यदि कोई, मध्यस्थ और सहायक सेवा प्रदान की जाती है तो ऐसी सेवाओं के शुल्क, अग्र कोई है, को जीटीए द्वारा जारी इनवॉयस में शामिल किया जाता है तो ऐसी सेवाएं जीटीए का हिस्सा होगी और इन्हें अलग से सप्लाई नहीं माना जाएगा। वास्तव में, जीटीए सेवा के साथ प्रदान की गई कोई भी सेवा, जो जीटीए की कंपोजिट सेवा का हिस्सा है, पर एक अलग सप्लाई के रूप में कर न लगाने के स्थान पर जीटीए के साथ कर लगाया जाएगा। हालांकि, यदि इस तरह की सेवाएं अलग से प्रदान की जाती है और इन पर शुल्क अलग से लगाया जाता है, चाहे यह उसी इनवॉयस में हो या अलग इनवॉयस में, इन्हें अलग सप्लाई माना जाएगा। दिनाँक 19 जून, 2017 की केन्द्रीय कर की अधिसूचना संख्या 05/2017 के अनुसार, जो व्यक्ति केवल ऐसी कराधेय माल और सेवाओं या दोनों की सप्लाई करने में लगे है, जिन पर कुल कर का भुगतान ऐसी माल और सेवाओं के प्राप्तकर्ताओं द्वारा रिवर्स चार्ज के आधार पर किया जाना है क्या उन्हें सीजीएटी अधिनियम, 2017 की धारा 9 की उपधारा (3) के तहत पंजीकरण कराने में छूट प्राप्त है। कृपया स्पष्ट करें कि क्या सड़क द्वारा माल परिवहन करने हेतु सेवाएं प्रदान करने पर जीटीए द्वारा रिवर्स जार्ज प्रक्रिया (आरसीएम) के तहत इस छूट का लाभ लिया जा सकता है? हाँ, आरसीएम के तहत सड़क द्वारा माल परिवहन के संबंध में, जीटीए सेवा प्रदान करने पर इस छूट का लाभ लिया जा सकता है। क्या एक जीटीए एक वर्टिकल (रेल, कार्गो, किराया, गोदाम आदि) के लिए पंजीकरण करा सकता है, जिसके लिए कर का भुगतान किए जाने की जरूरत है जबकि वह एक अन्य वर्टिकल (आरसीएम के तहत जीटीए) हेतु पंजीकरण नहीं करा रहा है जिसके लिए कोई कर देय नहीं है? नहीं, क्योंकि व्यापार इकाई केवल रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत कराधेय सेवाओं की आपूर्ति नहीं कर रही है। परिवहन उद्योग में, पुराने वाहनों, पुराने टायरों, कबाड़ आदि, जिस पर कोई इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) नहीं लिया गया था, का जीवन पूरा होने पर उनका निपटारा कर दिया जाता है। एक ट्रक मालिक के तौर पर ऐसे माल का निपटारा करने पर क्या मुझे जीएसटी का भुगतान करने की जरूरत है क्योंकि इनकी प्रारंभिक खरीद के समय कोई आईटीसी नहीं लिया गया है? क्या ऐसे मामलों में कर लेना दोहरा करादान नहीं होगा क्योंकि शुरूआती खरीदारी के समय पहले ही कर का भुगतान किया जा चुका है? सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 7 के तहत किसी व्यक्ति द्वारा व्यवसाय के दौरान या उसे आगे बढ़ाने के लिए की गई सभी तरह के माल की आपूर्ति जैसे बिक्री, हस्तांतरण, वस्तु विनियम, विनिमय, लाइसेंस, किराया, पट्टा या निपटान करना या निपटान के लिए तैयार होना शामिल है। प्रतिफल के लिए पुराने वाहनों, पुराने टायर और कबाड़ की बिक्री या निपटान पर जीएसटी लगेगा चाहे आईटीसी का लाभ उठाया गया हो या नहीं। कृपया स्पष्ट करें कि क्या सेवा प्राप्तकर्ता को इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध है या नहीं, जब उनके द्वारा किया गया जीएसटी भुगतान आरसीएम के तरह 5 प्रतिशत की रियायत दर पर है? हाँ, ऐसे मामलों में इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध होता है। जब एक जीटीए एक पंजीकृत प्राप्तकर्ता को माल परिवहन सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से जीएसटी के तहत किसी अन्य पंजीकृत कंपनी से ट्रक किराये पर लेता है, तो क्या जीटीए को ट्रक मालिक को उसके द्वारा भुगतान किये गये जीएसटी का टैक्स क्रेडिट उपलब्ध होगा? जीटीए को माल के परिवहन के साधन किराये पर देने की सेवाएं 28 जून, 2017 की नोटिफिकेशन संख्या 12/2017 – केन्द्रीय कर (दर) के तहत जीएसटी से मुक्त है। उब कर का भुगतान नहीं होता है, तो कोई टैक्स क्रेडिट लेने का सवाल ही नहीं उठता। आईजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 12(9) के अनुसार पंजीकृत व्यक्ति के अलावा किसी और व्यक्ति को परिवहन सेवा की आपूर्ति का स्थान वह होगा, जिस स्थान से यात्री लगातार यात्रा के लिए परिवहन की शुरुआत करता है। आईजी एसटी अधिनियम, 2017 की धारा 2(3) में शब्द ‘लगातार यात्रा’ की परिभाषा उस यात्रा के तौर पर की गई है, जिसमें एक या एक से अधिक टिकट या इनवॉयस एक ही समय में या तो सेवा के एक आपूर्तिकर्ता या सेवा के एक से अधिक आपूर्तिकर्ता के एजेंट के माध्यम से जारी की जाती है और यात्रा किसी भी चरण, जिसके लिए एक या एक से अधिक टिकट या इनवॉयस जारी किये गये हैं, के बीच कोई ठहराव (स्टॉपओवर) ना हो। क्या सभी ठहराव (स्टॉपओवर) लगातार यात्रा के बीच ब्रेक का कारण बनते है? क्या लगातार यात्रा की परिभाषा में वह स्थिति भी शामिल है, जिसमें कितने भी समय के लिए ठहराव (स्टॉपओवर) होता है? आईजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 2(3) में शब्द ठहराव (स्पॉटओवर) की व्याख्या उस जगह के तौर पर की गई है, जहाँ यात्री या तो दूसरे परिवहन में स्थानांतरण के लिए या फिर से यात्रा शुरू करने के लिए यात्रा को कुछ समय के लिए ब्रेक करने को उतरता है। हालांकि, सभी ठहराव (स्टॉपओवर) लगातार यात्रा में ब्रेक का कारण नहीं बनते है। इस तरह दिल्ली-लन्दन-न्यूयॉर्क के लिए एक टिकट पर यात्रा के दौरान लन्दन लगातार यात्रा की परिभाषा के अंतर्गत शामिल होगा। हालांकि, न्यूयॉर्क-लन्दन-दिल्ली की वापसी यात्रा को एक अलग यात्रा माना जाएगा और यह लगातार यात्रा के दायरे से बाहर होगी। बहु-चरण अंतराष्ट्रीय यात्रा जैसे दिल्ली-दुबई-बोस्टन-दुबई-दिल्ली पर जीएसटी कैसे लगाया जाएगा? क्या पूरी यात्रा पर जीएसटी लगेगा और दिल्ली में दिया जाएगा या जीएसटी सिर्फ दिल्ली-दुबई सेक्टर के लिए लगाया जाएगा और भुगतान दिल्ली में होगा या जीएसटी सबसे ज्यादा दूरी वाली जगह तक के लिए दिल्ली में लगाया जैसे कि दिल्ली-दुबई-बोस्टन? इस मामले में अगर दिल्ली-दुबई-बोस्टन के लिए एक टिकट या इनवॉयस जारी की गई है तो यह लगातार यात्रा है भले ही आप दुबई में एक बार रुके हैं या स्टॉपओवर हो और कर (सीजीएसटी+एसजीएसटी) दिल्ली में लगाया जाएगा। बोस्टन-दुबई-दिल्ली की वापसी यात्रा लगातार यात्रा नहीं मानी जाएगी। वापसी यात्रा लगातार यात्रा नहीं होने और इसकी आपूर्ति का स्थान भारत से बाहर होने के कारण यह यात्रा तभी कराधेय होगी जब आपूर्तिकर्ता का स्थान भारत में होगा। क्या माल और सेवा कर (जीएसटी) के प्रयोजन के लिए कर इनवॉयस के रूप में इलेक्ट्रोनिक टिकट रसीद स्वीकार्य है? क्या एयरलाइनों के लिए कर इनवॉयस जारी करना कोई अनिवार्यता है? हां, लेन-देन का मूल्य चाहे जो भो हो, अंतर्राष्ट्रीय मानक प्रारूप (और किसी संशोधन के बिना) में जारी इलेक्ट्रोनिक टिकट जीएसटी के कर अनुपालन प्रयोजनों के लिए इनवॉयस के तौर पर स्वीकार्य है। सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा नियम 54(4) का संदर्भ लें। तथापि, बी2 बी आपूर्तिकर्ताओं के लिए, पंजीकृत ग्राहक को इनपुट कर क्रेडिट का दावा करने हेतु कर इनवॉयस प्रदान किया जा सकता है। क्या जीएसटी के प्रयोजन के लिए जारी की गई इलेक्ट्रोनिक टिकट रसीदों पर हस्ताक्षर अथवा डिजिटल रूप में हस्ताक्षर करने की कोई अनिवार्यता है? जी नहीं। सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 54(4) के प्रावधान के अनुसार, यात्री परिवहन सेवा के मामले में, कर इनवॉयस जिसमें किसी भी रूप में टिकट शामिल है, चाहे उस पर क्रमांक दिया गया है अथवा नहीं, और चाहे सेवा के प्राप्तकर्ता का पता उस पर दिया गया है अथवा नहीं, परन्तु उसमें पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 46 के अंतर्गत यथाउल्लिखित अन्य सूचनाएं होनी चाहिए। चूँकि एयरलाइनों द्वारा इलेक्ट्रोनिक टिकटें अंतर्राष्ट्रीय मानक प्रारूप में जारी की जाती हैं, अत: इलेक्ट्रोनिक टिकट रसीद पर हस्ताक्षर अथवा डिजिटल हस्ताक्षर करने की अनिवार्यता नहीं है। क्या एयरलाइनों को ग्राहकों को ट्रांजेक्शन वाइज (अर्थात एयरवे बिल-वाइज, टिकट यात्रा-वाइज) इनवॉयस जारी करना अनिवार्य है अथवा समेकित इनवॉयस, जिसमें एक विशेष कंपनी के लिए सभी व्यक्तिगत इनवॉयस के विवरण शामिल हों, मासिक अथवा पाक्षिक आधार पर जारी किया जा सकता है? एकल इनवॉयस, जिसमें एक विशेष कंपनी के लिए सभी आपूर्तियों के विवरण शामिल हों, सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 31 के प्रावधानों के अधीन जारी किया जा सकता है। ऐसे मामले में एयरलाइनों द्वारा जारी की गई टिकट को इनवॉयस नहीं माना जायेगा। क्या 01 जुलाई, 2017 से पहले जारी की गई टिकटों, जिन पर सेवा कर एकत्र किया गया था और जमा दिया गया है, उन पर 01 जुलाई, 2017 को अथवा उसके पश्चात की गई विमान यात्रा पर जीएसटी लागू होगा? चूँकि 01 जुलाई, 2017 से पहले जारी की गई टिकटों पर एयरलाइनों द्वारा सेवा कर पहले ही लिया और जमा करा दिया गया है, अत: ऐसी टिकटों पर जीएसटी नहीं लगेगा, भले ही यात्रा की तारीख 01 जुलाई, 201`7 को अथवा इसके पश्चात है। क्या हवाई परिवहन के संबंध में सहायक सेवाओं के लिए फ़ीस पर जीएसटी हवाई परिवहन सेवा पर लागू जीएसटी के अनुसार ही होगा? जी हाँ, सहायक सेवाएं, विमान द्वारा यात्री को ले जाने की सेवा का भाग है तथा ये सेवा की पृथक आपूर्ति नहीं है। इस संबंध में, सहायक सेवाओं में ऐसी सेवाएं शामिल हैं जो विमान द्वारा यात्रियों के परिवहन के लिए प्रासंगिक है (अर्थात अतिरिक्त बैगेज प्रभार, तारीख परिवर्तन प्रभार, बिना सहचर नाबालिग फ़ीस, पसंदीदा सीट प्रभार, रद्दीकरण फ़ीस आदि) । अत: सहायक सेवाओं को ‘विमान द्वारा यात्रियों का परिवहन’ के तौर पर सेवाओं की समान श्रेणी में ही माना जाएगा तथा इन पर भी जीएसटी की समान दर लगेगी जो विमान द्वारा यात्रियों के परिवहन के लिए लागू है। जीएसटी के कार्यान्वयन के पश्चात, किसी वाद अथवा विवाद के समाधान के कारण, यदि सेवा कर का भुगतान करने की देनदारी उत्पन्न होती है तो क्या जीएसटी ट्रांजिशन नियमों के अंतर्गत एयरलाइन इनपुट टैक्स क्रेडिट की पात्र होगी? जी हाँ, सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 142 6 (क) में स्पष्ट है कि सेनवैट क्रेडिट के लिए दावे से संबंधित किसी अपील, समीक्षा अथवा संदर्भ की प्रत्येक कार्यवाही, चाहे वह मौजूदा कानून के अंतर्गत निर्धारित दिनाँक को अथवा उसके पश्चात आरम्भ की गई है, का निपटान मौजूदा कानून के प्रावधानों के अनुसार ही किया जाएगा, तथा दावेदार को स्वीकार्य पाये जाने वाले क्रेडिट की कोई भी राशि उसे नकद लौटा दी जाएगी, भले ही केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 की धारा 11बी (2) के प्रावधानों के अलावा मौजूदा कानूनों के किसी भी प्रावधान में कुछ भी हो। नोट: जहाँ पर भी सीजीएसटी अधिनियम, 2017/सीजीएसटी नियम, 2017 का उल्लेख है, वह एसजीएसटी अधिनियम, 2017/एसजीएसटी नियम, 2017 और यूटीजीएसटी अधिनियम, 2017/यूटीजीएसटी नियम, 2017 के लिए भी लागू होगा। स्त्रोत: भारत सरकार का केंद्रीय उत्पाद व सीमा शुल्क बोर्ड, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय