परिचय भारत सरकार द्वारा कामगार गरीबक वृद्धावस्था आय सुरक्षा कें ध्यान मे राखैत आ ओकरा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में शामिल होयबाक लेल प्रोत्साहित करबाक आ समर्थ बनायबा पर ध्यान केंद्रित कएल गेल अछि। असंगठित क्षेत्र मे कामगार सभक बीच दीर्घ जीवन संबंधी जोखिम कें समाधान करबाक आ हुनक सेवानिवृत्तिक लेल स्वैच्छिक बचत, जे 2011-12 कें एनएसएसओ सर्वेक 66म राउंड कें मोताबिक 47.29 करोड़क कुल श्रम बल कें 88% छैक, मुदा जिनका लेल कोनो औपचारिक पेंशनक प्रावधान नहि अछि, तथापि, मुख्य रूप सं 60 वर्षक आयु कें पश्चात पेंशन लाभक स्पष्टताक अभावक कारणें शुरू कएल गेल स्वावलंबन योजनाक अंतर्गत कवरेज अपर्याप्त छल। लक्षित समूह अटल पेंशन योजनाक तहत, अभिदाता अपन अंशदान जे एपीवाई मे शामिल होयबाक आयु लेल अलग अलग छई, ओकर आधार पर 60 वर्षक आयु मे 1000 टाका प्रति माह, 2000 टाका प्रति माह, 3000 टाका प्रति माह, 4000 टाका प्रति माहक निर्धारित पेंशन भेटतैक। एपीवाई मे शामिल होयबाक न्यूनतम आयु 18 वर्ष आ अधिकतम आयु 40 वर्ष छैक। से एपीवाई'क तहत अंशदाता द्वारा अंशदानक न्यूनतम अवधि 20 वर्ष अथवा ओइ सं बेसी छैक। एपीवाई सं लाभ अभिदाता सभ कें 1000 टाका सं 5000 टाकाक बीच मे निर्धारित पेंशन, जं ओ 18 वर्ष सं 40 वर्षक आयु कें भीतर शामिल होइत अछि आ अंशदान करैत अछि। अंशदान स्तर भिन्न होयत आ जं अभिदाता तुरत शामिल होइत अछि त' ओ कम होयत आ अबेर सं शामिल होयबा पर ओ बढ़ि जाएत। एपीवाई'क पात्रता अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सभ बैंक खाताधारक सभ लेल खुलल अछि। केंद्र सरकार प्रत्येक पात्र अभिदाता, जे 1 जून 2015 आ 31 दिसंबर 2015 के बीचक अवधि मे एनपीएस मे शामिल होइत अछि आ जे कोनो सांविधिक सामाजिक सुरक्षा योजनाक सदस्य नहि हुअए आ जे आय कर दाता नहि हुअए, ओकर खाता मे 5 वर्षक अवधिक लेल, अर्थात वित्तीय वर्ष 2015-16 सं 2019-20 धरि, कुल अंशदानक 50% अथवा 1000 टाका, जं सेहो कम हुअए, ओकरा सह-अंशदान करत। शामिल होयबाक आयु आ अंशदान अवधि एपीवाई मे शामिल होयबाक न्यूनतम आयु 18 वर्ष आ अधिकतम आयु 40 वर्ष अछि। छोड़बाक आ पेंशन प्रारंभ होयबाक आयु 60 वर्ष होयत। एहि प्रकार, एपीवाई कें अंतर्गत अभिदाता द्वारा अंशदानक न्यूनतम अवधि 20 वर्ष अथवा ताहि सं बेसी होयत। एपीवाई कें फोकस मुख्यत: असंगठित क्षेत्र सभक कामगार पर लक्षित अछि। नामांकन आ अभिदाता भुगतान पात्र श्रेणी कें अंतर्गत स्वत: नाम सुविधा बला खाता सभक सभ बैंक खाताधारक एपीवाई मे शामिल भ' सकैछ, जेकर परिणामस्वरूप अंशदान संग्रहण प्रभार मे कमी अएतैक। देरी सं भुगदान हेतु दंड सं बचबाक लेल अभिदाता सभ कें विनिर्धारित देय तिथि सभ पर हुनका सभक बचत खाता मे अपेक्षित शेष राशि रखबाक चाही। मासिक अंशदान भुगतान हेतु देय तिथि सभक गणना पहिल अंशदान राशि कें जमा करबाक आधार पर कएल जाइत अछि। नामांकन हेतु दीर्घावधि मे पेंशन अधिकार आ पात्रता संबंधित ओझराहटि सं बचबाक लेल लाभार्थी, पति-पत्नी आ नामित सभक पहिचान हेतु आधार मूलभूत केवाईसी दस्तावेज हएत। नामांकन एजेंसी स्वावलंबन योजनाक अंतर्गत सभटा उपस्थिति बिंदु (सेवा प्रदाता) आ एग्रीगेटर नेशनल पेंशन प्रणालीक ढांचा सभक माध्यम सं अभिदाता लोकनि के नामांकित कएल जाएत। बैंक पीओपी वा एग्रीगेटरक रूप मे परिचालन गतिविधि हेतु सक्षमकर्ता सभक रूप मे बीसी/विद्यमान गैर बैंकिंग एग्रीगेटर, सूक्ष्म बीमा अभिकर्ता आ म्युचुअल फंड एजेंट सभक सेवा लेल जा सकत। चूकक लेल दंड एपीवाई कें अंतर्गत, व्यक्तिगत अभिदाता सभक लग मासिक आधार पर अंशदान देबाक विकल्प हएत। देरी सं भेल भुगतानक हेतु बैंक कें अतिरिक्त राशि संग्रह करबाएब अपेक्षित होइत अछि। एहन राशि न्यूनतम एक टाका प्रतिमाह सं दस टाका प्रतिमाह कें बीच होइत अछि जेना कि नीचां में देखाएल गेल अछि। 100 टाका प्रतिमाहक अंशदान हेतु 1 टाका प्रतिमाह 101 टाका सं 500 टाका 2 टाका प्रतिमाह टाका सं 1000 टाका 5 टाका प्रतिमाह 1001 टाका सं बेसी 10 टाका प्रतिमाह ब्याज/दंडक निर्धारित राशि अभिदाता सभक पेंशनक कार्पस कें भाग बनत। 6 माह बाद खाता फ्रीज क' देल जाएत। 12 माह बाद खाता निष्क्रिय क' देल जाएत। 24 माह बाद खाता बंद क' देल जाएत। देरी सं कएल गेल भुगतानक हेतु अतिरिक्त राशि प्रश्नारित करब एपीवाई माड्यूल मे देय तिथि पर मांग होयत आ अभिदाता सभक खाते सं राशि वसूल भ' जयबा धरि मांग बनल रहत। अभिदाताओं को सतत सूचना एलर्ट एपीवाई अभिदाता सभ कें हुनक खाता मे शेष राशि, अंशदान जमा इत्यादिक संबंध मे आवधिक सूचना एसएमएस एलर्टक माध्यम सं सूचित कएल जाएत। छोड़ब आ पेंशन भुगतान 60 वर्ष पुरलाक उपरांत अभिदाता गारंटीशुदा मासिक पेंशन आहरित करबाक लेल संबद्ध बैंक कें अपन आवेदन प्रस्तुत करताह। 60 वर्षक आयु सं पहिले छोड़बाक अनुमति नहि अछि, तथापि, तकर अनुमति मात्र आपवादिक परिस्थिति, अर्थात् लाभार्थीक मृत्यु अथवा लाइलाज बीमारी भेला पर देल जाएत। स्रोत : पेंशन निधि विनियामक आ विकास प्राधिकरण