परिचय बिहार के भागलपुर की ओर से आरक्षण मिलने के बाद भी महादलितों में एक ऐसा समाज है, जो आज भी अपने को स्थापित करने को संघर्ष कर रहा है। संघ बनाकर अखिलेश मल्लिक एवं प्रकाश मल्लिक ने समाज के बीच एकजुटता बनाने का काम शुरू किया है। इतना ही नहीं समाज की कुरीतियों को दूर कर रहे हैं। सफाई का कार्य करने वाले महादलित समाज के लोगों की मानें तो समाज के अधिकतर लोगों में शिक्षा का अभाव है। शिक्षा के अभाव होने से कुरीतियां हावी है। हरेक जगह नकारा साबित होने पर खुद को आगे बढ़ाना संभव नहीं है।आठवीं पास अखिलेश मल्लिक एवं प्रकाश मल्लिक ने इसके लिए संगठन बनाया और समाज के लोगों को एकजुट करना शुरू किया । संगठन में हैं 15 सक्रिय सदस्य संगठन में हैं 15 सक्रिय सदस्यों ने एकजुट होकर एक संगठन बनायें। संघ में 15 सक्रिय सदस्य हैं। जो माह में एक बार जरूर बैठक करते हैं। जब समाज के लोगों को किसी प्रकार की समस्या होती है, तो सभा बुला कर उनकी समस्या का समाधान किया जाता है। भागलपुर के विभिन्न क्षेत्रों में लगती है सभा भागलपुर के जेल रोड के कि नारे सभा होती है। इसमें समस्याओं का हल होता है। इसके लिए तिलकामांझी विक्रमशिला कॉलोनी स्थित राजकीय पीटी मध्य विद्यालय के सामने कार्यालय खोला गया है। यहां पर महादलित समाज के लोग अपनी-अपनी समस्या बताते हैं। इसके अलावा जरलाही में सभा होती, कभी हवाई अड्डा में, तो कभी विक्र मशिला कॉलोनी व तिलकामांझी में सभा होती है। इन समस्याओं का किया जाता है निराकरण इसमें भूत-प्रेत की समस्या से लेकर शराब से मुक्ति, पारिवारिक विवाद, बच्चों को स्कूल भेजने आदि पर चर्चा होती है। संघ की सभा में बुलाकर आधुनिक तरीके से समस्याओं को हल करने और भूत-प्रेत जैसे अंधविश्वासों को दूर करने का प्रयास किया जाता है। इसके अलावा समाज के किसी भी लोगों के बीच आर्थिक तंगी की शिकायत मिलती है, तो संगठन स्तर पर उन्हें मदद कर उबारा जाता है। साथ ही विवाद व गांव में सभा कर लोगों को कुरीतियों से लड़ने का पाठ पढ़ाते युवा। झगड़ा नहीं करने की नसीहत दी जा ती है। शिव लगन से मिली प्रेरणा इसके लिए उन्हें समाज के ही पीडब्ल्यूडी विभाग में क्लर्क से रिटायर हुए शिवलगन मल्लिक से प्रेरणा मिली। अखिलेश बताते हैं कि इसी क्रम में बेगुसराय में संगठन का काम देखा और समाज में जागरूकता। इसके बाद ही यहां पर संघ बना कर समाज की कुरीतियों को दूर करना शुरू किया। प्रकाश मल्लिक ने बताया कि हमलोगों को देखनेवाला कोई नहीं है। सभी सफाई का काम करते हैं। सरकार की ओर से आरक्षण के बाद भी शिक्षा का अभाव सबसे बड़ा रोड़ा है। जब तक जागरूकता नहीं आयेगी, तब तक समाज से अंधेरा को दूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि प्रकाश खिगड़या नया गांव का रहनेवाला है और अखिलेश साहू परबत्ता का। दोनों जेल में सफाईकर्मी है। दोनों ने आठवीं तक ही पढ़ाई की। आगे नहीं पढ़ने के कारण कोई अच्छी नौकरी नहीं मिली। अब नहीं चाहते कि समाज के लोग अशिक्षति रहकर केवल कूड़ा-करकट उठाते रहें। दोनों भागलपुर में ही रहकर अपनी जीविका चलाते हुए अपने समाज के बीच जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं। लेखन : संदीप कुमार, स्वतंत्र पत्रकार