यह कानून किस बारे में है? यह अधिनियम विवाह के समय, दोनों पक्षों पर, दहेज देने या लेने की प्रथा पर रोक लगाता हैl यह क़ानून दहेज की माँग करने और विज्ञापन देने पर भी दण्डित करता हैl दहेज से जुड़े गंभीर अपराध जैसे दहेज-मृत्यु और दहेज से जुड़ी क्रूरता भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय हैंl यह क़ानून विवाह पक्षों को उपहारों की एक सूची बनाने के लिए कर्तव्यबद्ध करता हैl इसके बावजूद भी यदि किसी शादी में दहेज का आदान प्रदान हुआ है, तो यह क़ानून आदेश देता है कि जिस व्यक्ति को दहेज मिला है, उसे वह वधू को देना होगा I दहेज प्रथा निषेध अधिनियम यह कानून दहेज लेने और दहेज देने दोनों ही चीजों को रोकने के लिए बनाया गया है।और साथ ही साथ दहेज लेना और दहेज देना ये दोनों ही इस कानून के तहत अपराध है।यदि कोई व्यक्ति जो दहेज देता है या फिर दहेज की मांग करता है या दहेज लेता है वो इस कानून के तहत अपराध करता है। दहेज, शादी के संबंध में किसी भी समय दिया जा सकता है मुसलमानों के निजी कानूनों के अनुसार, निकाह के दौरान, वधू को वर पक्ष की ओर से धन या संपत्ति दी जाती है, जिसकी वह हक़दार है । इसे मेहर कहते हैं और इसे दहेज की परिभाषा में शामिल नहीं किया गया है । दहेज के लिए एक समझौता दंडनीय है, भले ही असली दहेज का भुगतान न हो। दहेज क्या है किसके द्वारा दिया जाता है किसको दिया जाता है धन और संपत्ति सहित कोई भी मूल्यवान वस्तु दुल्हन/ दूल्हा उनके माता पिता या कोई दुल्हन या दूल्हा,उनके माता-पिता या कोई और दहेज लेने या देने पर क्या सज़ा निर्धारित की गई है? किसे दंडित किया जा सकता है जेल की अवधि जुर्माना अपवाद कोई भी व्यक्ति जो दहेज देता है या लेता है कोई भी व्यक्ति जो दहेज देने या लेने में किसी की सहायता करता है कम से कम 5 वर्ष उदाहरण राज और सिमरन शादी कर रहे हैंI सिमरन के पिता;सीतापति ने राज के पिता राजा भोज को दहेज के रूप में 10 लाख रुपये और एक गाड़ी भेंट कीIसीतापति और राजा भोज दोनों को 5 साल तक के लिए कारावास की सज़ा दी जा सकती है । साथ ही उन्हें 10 लाख रूपये और गाड़ी का मूल्य भी जुर्माने के तौर पर देने को कहा जाएगा क्या शादी के समय उपहार देना भी जुर्म है? शादी में वर/वधू पक्ष द्वारा तोहफे या उपहार देना दंडनीय नहीं है, यदि यह स्वेच्छा से किया गया हो | नियमों के अनुसार उपहारों को एक सूची में दर्ज़ किया जाना चाहिए(दहेज निषेध नियमावली के नियम २ के अनुसार)| वधू पक्ष की ओर से उपहार, रिवाज़ और व्यक्ति की वित्तीय क्षमता को ध्यान में रख कर दिया जाना चाहिए। दहेज की माँग करने पर क्या सज़ा दी जाती है? किसे दंडित किया जा सकता है जेल की अवधि जुर्माना अपवाद कोई भी व्यक्ति जो वर या वधू पक्ष से दहेज की माँग करता है 6 महीने से 2 साल के बीच 10,000 रूपए तक उदाहरण शादी के दिन,राजा भोज (लड़के के पिता)ने सुपंदी (जिसने रिश्ता करवायाहै ) द्वारा सीतापति (लड़की के पिता) को कहलवाया कि यदि 10 लाख रूपए का इंतज़ाम नहीं हो पाया तो वह यह शादी नहीं होने देंगे। ऐसी परिस्थिति में सीतापति पुलिस स्टेशन जाकर राजा भोज और सुपंदी, दोनों के खिलाफ़ दहेज माँगने की शिकायत को दर्ज़ करवा सकते हैं । क्या दहेज लेने या देने के लिए किया गया समझौता वैध है? नहीं, ऐसा कोई भी समझौता जिसमें दहेज के आदान-प्रदान की बात की गई हो वह अवैध है । यदि सीतापति दहेज देने से इनकार करता है तो राजा भोज इसके खिलाफ शिकायत नहीं कर सकते भले ही उनका इस बारे में पहले कोई समझौता हुआ हो । क़ानून इस प्रकार के समझौतों को अवैध करार देता है। इस क़ानून के तहत केस अदालत तक कैसे आता है? अदालत में न्यायिक प्रक्रिया तब शुरू होती है जब उसे इस कानून के तहत अपराध घटित होने की सूचना प्राप्त होती है– जज की जानकारी से पुलिस के चालान पेश करने पर पीड़ित या उसके रिश्तेदार द्वारा की गई निजी शिकायत सरकार द्वारा चिन्हित सामाजिक संस्था द्वारा की गयी शिकायत स्त्रोत: न्याय