<h3 style="text-align: justify;">बीमाकृत व्यक्तियों के नामों को हटाना</h3> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रश्न </strong></p> <p style="text-align: justify;">क्या बेरोजगारी बीमित व्यक्तियों (आईपी) को व्याप्त नहीं करती है, जिन्हें लॉकडाउन अवधि के दौरान नियोक्ताओं से वेतन नहीं मिला और जिनके अंशदान को 0 (शून्य) के रूप में दिखाया जा रहा है? </p> <p style="text-align: justify;">क्या नियोक्ता के लिए ईएसआईसी चालान सूची से इस योजना के तहत राहत केवल उन बीमाकृत व्यक्तियों बीमाकृत व्यक्तियों के नामों को हटाना अनिवार्य है?</p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर </strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>नहीं </strong></p> <p style="text-align: justify;">एक आईपी को केवल तभी बेरोजगार माना जाएगा, यदि क्योंकि अधिकांश मामलों में श्रमिकों का अंशदान '0' और जब उसके नियोक्ता ने उसे मासिक अंशदान चालान में अभी तक अयोग्य दिखाई दे रहा है। इस योजना के तहत राहत केवल उन बीमाकृत व्यक्तियों (आईपी) को उपलब्ध है, जिन्हें बेरोजगार किया गया है। एक आईपी को केवल तभी बेरोजगार माना जाएगा, यदि जब उसके नियोक्ता ने उसे मासिक अंशदान चालान में बाहर कर दिया हो। यदि नियोक्ता ने मासिक अंशदान चालान में आईपी के लिए '0' अंशदान दिखाया है, तो इसका मतलब है कि आईपी अभी भी नियोक्ता के साथ नियोजित है और नियोक्ता इन कर्मचारियों को कुछ राशि का भुगतान कर सकता है, इसलिए ऐसे कर्मचारी योजना के तहत राहत के लिए पात्र नहीं हैं।</p> <h3 style="text-align: justify;">राहत के पात्रधारी</h3> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रश्न </strong></p> <p style="text-align: justify;">क्या यह योजना उन आईपी को व्याप्त करती है जो तालाबंदी के दौरान बेरोजगार थे लेकिन अब काम कर रहे हैं?</p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर </strong></p> <p style="text-align: justify;">ऐसे कर्मचारी यदि आवश्यक पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। तो योजना के तहत राहत के पात्र हैं। लेकिन दावे की अवधि के दौरान दावेदार बेरोजगार रहा होगा।</p> <h3 style="text-align: justify;">योजना के तहत दावा</h3> <p style="text-align: justify;"> <strong>प्रश्न </strong></p> <p style="text-align: justify;">बेरोजगारी के बाद पहले 30 दिनों के लिए दावेदार योजना के तहत दावा दायर नहीं कर सकता है। </p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर</strong></p> <p style="text-align: justify;">दावेदार बेरोजगार होने के 30 दिनों बाद राहत के लिए दावा दायर कर सकता है (अर्थात् नियोक्ता द्वारा बाहर दिखाया गया है)। दावेदार अपनी बेरोजगारी के ठीक बाद एक महीने के लिए दावा दायर कर सकता है।</p> <h3 style="text-align: justify;">भुगतान की गारंटी एवं खारिज दावा</h3> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रश्न</strong></p> <p style="text-align: justify;">क्या सिस्टम द्वारा दावे का निर्माण योजना के अंतर्गत राहत के भुगतान की गारंटी है। क्या सिस्टम द्वारा दावा निर्माण की अनुमति देने के बाद भी दावे को खारिज किया जा सकता है? </p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर</strong></p> <p style="text-align: justify;">सिस्टम द्वारा दावे का निर्माण योजना के अंतर्गत राहत के भुगतान के लिए गारंटी नहीं है। यदि नियोक्ता के रिकॉर्ड के साथ शाखा कार्यालय प्रबंधक द्वारा दावे के सत्यापन के दौरान दावेदार अयोग्य पाया जाता है, तो शाखा कार्यालय प्रबंधक द्वारा दावे को अस्वीकार किया जा सकता है, हालांकि ऐसे मामले दुर्लभ होने चाहिए।</p> <h3 style="text-align: justify;">आयु</h3> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रश्न </strong></p> <p style="text-align: justify;">अधिवर्षिता की आयु क्या है?</p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर</strong></p> <p style="text-align: justify;">किसी भी बीमित व्यक्ति की अधिवर्षिता की आयु कंपनी के कानून के अनुसार कंपनी की नीति के अनुसार विशिष्ट है। ईएसआई अधिनियम की धारा 56 के तहत स्पष्टीकरण के अनुसार अधिवर्षिता की आयु साठ वर्ष की आयु के रूप में ली जा सकती है। </p> <h3 style="text-align: justify;">इस्तीफा या नाैकरी छाेड़ने की स्थिति</h3> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रश्न</strong></p> <p style="text-align: justify;">यह एक सामान्य परिघटना है कि कर्मचारी नौकरी छोड़ने के लिए कंपनी से अपना इस्तीफा सौंप देते हैं। क्या उन कर्मचारियों को जिन्होंने नौकरी छोड़ने के अपना इस्तीफा सौंप दिया है, एबीवीकेवाई के तहत राहत के पात्र हैं।</p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर</strong></p> <p style="text-align: justify;">जिन कर्मचारियों ने अपन इस्तीफा सौंप दिया है उन्हें बेरोजगार माना जाएगा और यदि पात्र हैं तो उन्हें इस योजना के अंतर्गत राहत दी जा सकती है, बशर्ते कि नियोक्ता ने इस्तीफा देने/ नौकरी छोड़ने के समय किसी भी छंटनी हितलाभ / आर्थिक प्रतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया हो। </p> <h3 style="text-align: justify;">मुआवजा भुगतान की स्थिति</h3> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रश्न</strong></p> <p style="text-align: justify;">क्या लॉकडाउन (सरकारी आदेश द्वारा मजबूरन अस्थायी प्रकृति का एक समापन होना) कर्मचारियों को मुआवजे का भुगतान करने के लिए के तहत एबीवीकेवाई के तहत एक योग्यता कारक हो सकता है। <strong> </strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर</strong></p> <p style="text-align: justify;">लॉकडाउन या लॉक-आउट के मामले में एबीवीकेवाई के तहत राहत स्वीकार्य नहीं क्योंकि लॉक-आउट-लॉकडाउन की अवधि के दौरान नियोक्ता कर्मचारियों को लगातार नियुक्त करता रहता है। </p> <h3 style="text-align: justify;">दावा सत्यापन</h3> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रश्न</strong></p> <p style="text-align: justify;">क्या कर्मचारी को उसकी बेरोजगारी के बारे में पूछताछ करनी है और क्या उसकी बेरोजगारी के संबंध में कोई घोषणा शाखा प्रबंधक द्वारा दावा के सत्यापन के की जानी है। </p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर</strong></p> <p style="text-align: justify;">कर्मचारी (बेरोजगार पूर्व आईपी) से कोई घोषणा प्राप्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारी से पूछताछ से भी बचना दौरान है। पूर्व आईपी की सभी आवश्यक जानकारी सत्यापन के समय नियोक्ता से प्राप्त की जा सकती है। </p> <h3 style="text-align: justify;">नौकरी छोड़ना/ इस्तीफा/ स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति</h3> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रश्न</strong></p> <p style="text-align: justify;">सत्यापन के दौरान नियोक्ता दर्शाता है कि कर्मचारी ने नौकरी छोड़ दी है या इस्तीफा दे दिया है या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है।</p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर</strong></p> <p style="text-align: justify;">कर्मचारियों को बेरोजगार माना जाएगा, और यदि पात्र हैं तो उन्हें इस योजना के अंतर्गत राहत दी जा सकती है, बशर्ते कि नियोक्ता ने इस्तीफा देने / नौकरी छोड़ने के समय किसी भी छंटनी हितलाभ / आर्थिक प्रतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया हो। </p> <h3 style="text-align: justify;">ईपीएफ अंशदान का भुगतान</h3> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रश्न </strong></p> <p style="text-align: justify;">अगर बेरोजगार कर्मचारी के संबंध में ईपीएफ अंशदान का भुगतान किया गया है, तो क्या कर्मचारी बेरोजगार माना जाना है।</p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर</strong></p> <p style="text-align: justify;">नहीं</p> <p style="text-align: justify;">कर्मचारी को यदि सत्यापन के दौरान यह पाया जाता है कि के संबंध में ईपीएफ अंशदान का भुगतान किया गया है, तो कर्मचारी को बेरोजगार नहीं माना जाएगा। </p> <p style="text-align: justify;">अधिक जानकारी के लिए ईएसआईसी शाखा या टोल 1800112526</p> <p style="text-align: justify;">स्त्राेत : श्रम एवं राेजगार मंत्रालय,राज्य कर्मचारी बीमा निगम, भारत सरकार। </p>