प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति के बारे में गृह मंत्रालय ने देश के 60 जिलों की पहचान वामपंथी चरमपंथ (LWE) से प्रभावित जिलों के रूप में की है। भारत सरकार ने इन जिलों में एक विशेष कार्यक्रम चलाया है जिसे समेकित कार्य योजना (IAP) का नाम दिया गया है। सभी समेकित कार्य योजना जिलों में जिला अधीक्षक की मदद करने के लिए युवा पेशेवरों की तैनाती हेतु 13 सितम्बर,2011 को तत्कालीन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के ग्रामीण विकास फेलोज़ नामक योजना की घोषणा की थी। मिशन मूल रूप से प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति प्राप्त लोग विकास को सुगम बनाने वाली एक योजना के रूप में कार्य करेंगे, वे समेकित कार्य योजना के जिलों के कलेक्टरों तथा उन्के सहकर्मियों को मदद देंगे और उन्हें परिस्थितियों का आवश्यक विश्लेषण प्रदान करेंगे कि उनसे कैसे निपटा जाए। फेलोज़ सक्रिय रूप से एक जिला कार्यक्रम का संचालन करेंगे, जिसमें निम्नांकित तीन महत्वपूर्ण रणनीतियां शामिल होंगी: सभी नियोजित गतिविधियों तथा उचित बजट प्रक्रिया के संचालन द्वारा प्रोग्रामिंग हेतु जिला संसाधन बेस को मजबूत करना। अतिवंचित समुदायों तक सेवाओं की पहुंच स्थापित करने के लिए वैकल्पिक तरीकों को खोजकर इस प्रणाली को सुस्थापित तथा सुदृढ़ बनाना। ऐसी प्रक्रियाओं को चालू करना जो इस विधि (अर्थात ग्राम नियोजन) में शामिल किए गए परिवर्तनों को बढ़ावा देती हो। यह पूर्ण रूप से सहायक कार्यों के एक समूह द्वारा पूरा किया जाएगा, जैसे जिला तथा ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की क्षमता का निर्माण करना, जिले में सामाजिक लामबंदी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना, खासकर युवाओं के बीच; जमीनी समर्थन हासिल करना तथा पंचायतों के साथ मजबूत संबंध बनाना। आवेदन प्रक्रिया इसका उद्देश्य है उच्च गुणवत्ता वाले विकास पेशेवरों के संसाधन पूल का निर्माण करना, जिन्हें समेकित कार्य योजना जिलों में प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति योजना द्वारा तैनाती किए जाने हेतु तैयार किया जा सके। पदों की संख्या: समेकित कार्य योजना जिलों में प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्तियों की तैनाती की अंतिम संख्या 180 है। प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्तियों की भर्ती दो चरणों में की जाती है। प्रत्येक चरण में ट्रेनिंग के पश्चात 90 उम्मीदवार अंतिम रूप से चयनित किए जाते हैं। अर्हता की शर्तें अर्हता की शर्तें निम्नांकित हैं: आयु 21-30 होनी चाहिए। समाज विज्ञान/विज्ञान/प्रबंधन में स्नातकोत्तर या कानून/इंजीनियरिंग/मेडिसिन में स्नातक होना चाहिए। हिंदी के साथ समेकित कार्य योजना जिले में बोली जाने वाली एक स्थानीय भाषा की जानकारी होनी चाहिए। अनुभव प्राप्त उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाती है। चयन विधि चयन की प्रक्रिया एक खुली विज्ञापन प्रक्रिया के तहत पूरी की जाती है। आवेदन के लिए इच्छुक उम्मीदवार को एक ऑनलाइन आवेदन फॉर्म जमा करना होता है। उम्मीदवारों को अंक पत्र तथा डिग्री प्रमानपत्र सौंपने की आवश्यकता नहीं है। उम्मीदवारों को संदर्भ पत्र भी जमा करने की आवश्यकता नहीं है। केवल सूचीबद्ध उम्मीदवारों को ही GD तथा PI आरंभ होने से पहले (1) तथा (2) भेजने को कहा जाएगा। चयनित सूची बनाने के दौरान समिति को अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता पड़ सकती है, संदर्भ के रूप में सूचीबद्ध व्यक्तियों को कॉल कर उनके बात की जाएगी। अन्यथा आवेदन फॉर्म में दी गई जानकारी तथा विवरण के आधार पर ही उम्मीदवारों की चयन सूची बनाई जाएगी। आवेदन को भरें और ऑनलाइन भेज दें। उम्मीदवार को इसकी एक पावती मिलेगी। मांगी गई समस्त जानकारी अवश्य भरें। अधूरे आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया जाएगा। पद के लिए आवेदन करने में आवेदकों की मंशा का मूल्यांकन उनके द्वारा जमा की गई लिखित सामग्री के आधार पर किया जाएगा। चयन के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षा में उम्मीदवार को निर्धारित प्रश्नों के उत्तर 1000 शब्दों में देने होंगे। कुछ प्रश्नों के उदाहरण इस प्रकार हैं- प्रधानमंत्री फेलोशिप स्कीम वामपंथी चरम पंथ से प्रभावित क्षेत्रों के विकास की दिशा में आपको योगदान देने में कैसे मदद करेगी? [लगभग 300 शब्द] वामपंथी चरम पंथ से प्रभावित क्षेत्रों की एक सामाजिक-आर्थिक समस्या की पहचान करें और उसके निदान के उपाय सुझाएं? [लगभग 400 शब्द] यह योजना कैसे आपको अपने भविष्य के उद्देश्यों की पूर्ति में मदद करेगी? [लगभग 300 शब्द] उम्मीदवार समेकित कार्य योजना के जिले में मौजूद एक मौलिक समस्या का चयन कर सकता है और उसके निदान के सुझाव दे सकता है। सही क्रम में दिए गए उत्तरों के आधार पर उम्मीदवारों की सटीक और संक्षिप्त लेखन क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। उम्मीदवारों को स्थानीय भाषाओं की जानकारी तथा पसंदीदा जिले का संकेत देना होगा। उम्मीदवारों का चयन उनकी योग्यता व अनुभव के आधार पर किया जाता है। चयन का आधार लिखित सारांश होता; ग्रुप चर्चा तथा साक्षात्कारों का उपयोग उम्मीदवारों के जोश, नेतृत्व, सामाजिक तथा तोल-मोल करने की क्षमता के मूल्यांकन के लिए किया जाता है।