<div id="MiddleColumn_internal"> <h3 style="text-align: justify;">भूमिका</h3> <p style="text-align: justify;">एमएसडीई ने भारत में कौशल विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण नीतियां बनाई हैं ताकि पूरे देश में सभी तरह के कौशल प्रशिक्षण के प्रयासों में निरंतरता, सामंजस्य और समन्वय स्थापित किया जा सके।</p> <p style="text-align: justify;">ये निम्नलिखित हैं</p> <h3 style="text-align: justify;">कौशल विकास एवं उद्यमितता-2016 के लिए राष्ट्रीय नीति</h3> <p style="text-align: justify;">कौशल विकास के क्षेत्र</p> <ol style="text-align: justify;"> <li>कौशल विकास में मुख्य बाधाएं</li> <li>एक सीध में आपूर्ति एवं अंतर को पाटने के लिए कुशलता की मांग<img class="image-right" src="https://static.vikaspedia.in/media/images_hi/social-welfare/91594c936932-93593f91593e938/91594c936932-93593f91593e938/92d93e930924-93893091593e930-915940-91594c936932-93593f91593e938-92f94b91c92893e92f947902-935-91593e93094d92f91594d93092e/kau1.jpg" width="428" height="233" /></li> <li>सामाजिक/भौगोलिक रूप से वंचित एवं कमजोर समुदाय के लोगों को न्यायसंगत तरीके से अवसर मुहैया कराना</li> <li>महिलाओं के लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता के कार्यक्रम</li> </ol> <p style="text-align: justify;"> </p> <ul style="text-align: justify;"> <li>कौशल के पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से जीवंत करने के वास्ते कौशल विकास और उद्यमिता 2015 के लिए भारत की पहली राष्ट्रीय नीति।</li> <li><img class="image-left" style="float: right;" src="https://static.vikaspedia.in/media/images_hi/social-welfare/91594c936932-93593f91593e938/91594c936932-93593f91593e938/92d93e930924-93893091593e930-915940-91594c936932-93593f91593e938-92f94b91c92893e92f947902-935-91593e93094d92f91594d93092e/kau2.jpg" width="418" height="216" />राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन की जुलाई 2015 में शुरुआत ताकि स्किलिंग प्रयासों को गति दी जा सके<span style="text-align: justify;">।</span></li> <li>देशभर में कौशल विकास योजनाओं के लिए आम मानदंड मानकीकरण सुनिश्चित करने के लिए अधिसूचना</li> <li>राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क(एनएसक्यूएफ) बनाने का काम प्रगति पर है</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">नई/जारी योजनाओं/नीतियों/कार्यक्रमों मई 2014 के समय की गई पहलों की सूची</h3> <h4 style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना(पीएमकेवीवाई)</h4> <ul style="text-align: justify;"> <li>कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रम प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना(पीएमकेवीवाई) को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 जुलाई 2015 को शुरू किया।</li> <li>राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क के मापदंडों के तहत कौशल प्रमाणन और पुरस्कार योजना का उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए आकर्षित करना है। यह एक योग्यता आधारित रूपरेखा है।</li> <li>इस योजना के तहत पहले से सीखे गए गुर को मान्यता (आरपीएल) को शुरू किया जा चुका है। इसके तहत पहले से कौशल या अनुभवी व्यक्ति को मूल्यांकन एवं सत्यापन होता है।</li> </ul> <h4 style="text-align: justify;">अप्रेंटिस प्रोत्साहन योजना (एपीवाई)</h4> <ul style="text-align: justify;"> <li>विनिर्माण इकाइयों एवं अन्य संस्थानों की मदद करने के लिए अप्रेंटिस प्रोत्साहन योजना (एपीवाई) की 16 अक्टूबर 2014 को शुरुआत की गई। इसे अप्रेंटिस एक्ट 1961 के तहत शुरू किया गया है।</li> <li>योजना के तहत पहले दो साल तक एक लाख अप्रेंटिसों को प्रशिक्षण के दौरान 50 फीसदी मानदेय के भुगतान की अनुमति होगी</li> <li>क्षेत्रीय स्तर पर योजना को लागू करने वाली एमएसडीई के तहत प्रशिक्षण निदेशक (डीजीटी) और अप्रेंटिशशिप ट्रेंनिंग के क्षेत्रीय निदेशकों (आरडीएटी) एजेंसियां हैं।</li> <li>स्नातक, टेक्नीशियन एवं टेक्नेशियन(वोकेशनल) अप्रेंटिस को छोड़कर अन्य सभी तरह के अप्रेंटिस इसके तहत आते हैं।</li> </ul> <h4 style="text-align: justify;">उद्यमिता</h4> <ul style="text-align: justify;"> <li>एमएसडीई ने उद्यमिता शिक्षा एवं प्रशिक्षण के लिए “उद्यमिता” को शुरू करने का प्रस्ताव किया है। इसका मकसद उद्यमिता विकास के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण, हिमायत, प्रशिक्षक पथ प्रदर्शक, क्रेडिट, इनक्यूबेटर और अनुसंधान के जरिये अनुकूल माहौल तैयार करना है। यह भी समावेशी विकास के लिए सामाजिक उद्यमों के विकास को बढ़ावा देंगे।</li> <li>योजना को 2016 में लांच किया जाएगा और पांच वर्षों तक जारी रहेगा।</li> </ul> <h4 style="text-align: justify;">उड़ान</h4> <ul style="text-align: justify;"> <li>जम्मू कश्मीर के लिए विशेष औद्योगिक पहल के तहत उड़ान को नवंबर 2011 में शुरू किया गया था। इसकी स्थापना गृह मंत्रालय ने की है और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम(एनएसडीसी) द्वारा इसका संचालन किया जाता है। इसका उद्देश्य जम्मू कश्मीर के युवाओं के लिए कौशल और रोजगार मुहैया कराना है। साथ ही उन्हें कॉरपोरेट इंडिया से जोड़ने का उद्देश्य भी है।</li> <li>यह कार्यक्रम जम्मू कश्मीर के आर्थिक मसलों को सुलझाने का एक हिस्सा है। साथ ही उन युवाओं पर ध्यान केंद्रित करना है जो ग्रेज्युएट, पोस्ट ग्रेज्यूएट एवं तीन साल का डिप्लोमा किए हुए हैं।</li> </ul> <h4 style="text-align: justify;">कौशल विकास पहल (एसडीआई) योजना</h4> <ul style="text-align: justify;"> <li>औद्योगिक क्षेत्र में मौजूदा मानव संसाधन को व्यावसायिक प्रशिक्षण मुहैया कराने के लिए मकसद से मंत्रालय ने कौशल विकास पहल (एसडीआई) की शुरुआत की है।</li> <li>डीजीटी के अंतर्गत यह योजना 2007 से चल रही है। लोगों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के एक नेटवर्क के जरिये ट्रेनिंग मुहैया कराई जाती है। प्रशिक्षण देने वाले नेटवर्क का पंजीकरण राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के जरिये होता है। प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवार को एनसीवीटी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।</li> </ul> <h4 style="text-align: justify;">शिल्पकार प्रशिक्षण योजना</h4> <ul style="text-align: justify;"> <li>सरकार और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से इस योजना को कार्यान्वित किया जाता है। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में बुनियादी कौशल और व्यावसायिक ज्ञान प्रदान करने वाला ढांचे को डिजाइन किया गया है ताकि उच्च गुणवत्ता वाले शिल्पकार तैयार किए जा सकें। इस योजना का उद्देश्य श्रमिकों को व्यवस्थित तरीके से प्रशिक्षित कर गुणवत्ता एवं औद्योगिक उत्पादन बढ़ाना है।</li> </ul> <h4 style="text-align: justify;">क्राफ्ट अनुदेशक प्रशिक्षण योजना</h4> <ul style="text-align: justify;"> <li>इस योजना का उद्देश्य अनुदेशकों (Instructors) को कौशल विकास एवं प्रशिक्षण प्रविधि के लिहाज से व्यापक रूप से प्रशिक्षित करना है। उन्हें तकनीकी तौर पर इस लिहाज से प्रशिक्षित किया जाता है कि वे अपने कौशल को आगे भी हस्तांतरित कर सकें।</li> <li>पहले क्राफ्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना 1948 में की गई थी। इसके बाद रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीई एंड टी) द्वारा पांच संस्थानों जिन्हें एडवांस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (बाद में इन्हें सीआईटी नाम दिया गया), की स्थापना 1960 के दशक में क्रमशः लुधियाना, कानपुर, हावड़ा, मुंबई और हैदराबाद में की गई। इस कार्यक्रम के तहत 27 इंजीनियरिंग ट्रेड और 6 गैर इंजीनियरिंग ट्रेड का प्रशिक्षण मुहैया कराया जाता है।</li> <li>उम्मीदवारों के प्रशिक्षण के बाद उनका टेस्ट होता है और उसके बाद उन्हें नेशनल क्राफ्ट् इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है।</li> </ul> <h4 style="text-align: justify;">कौशल ऋण योजना</h4> <ul style="text-align: justify;"> <li>माननीय प्रधानमंत्री ने विश्व युवा दिवस के मौके पर 15 जुलाई 2015 को इस योजना की शुरुआत की।</li> <li>इस ऋण की सुविधा उन्हें मुहैया कराई जाती है जो एनएसक्यूएफ से सम्बद्ध संगठनों एवं संस्थाओं से कौशल विकास का कोर्स करना चाहते हैं।</li> <li>इसके तहत 5,000 से 1.5 लाख रुपये तक का कर्ज प्रदान किया जाता है। अगले पांच वर्षों तक इस योजना का लाभ देश के 34 लाख युवा उठा सकते हैं।</li> </ul> <h4 style="text-align: justify;">स्कूल शिक्षा के वोकालाईज़ेशन की केन्द्रीय क्षेत्र की योजना</h4> <ul style="text-align: justify;"> <li>इस योजना के तहत, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर एनएसडीसी ट्रेनिंग साझेदारी के जरिये एक अतिरिक्त या अनिवार्य विषय के रूप में व्यावसायिक प्रशिक्षण की पेशकश की जाती है।</li> <li>इस योजना के दायरे में 3654 स्कूलों (इनमें 1644 स्कूलों को 2015-16 के दौरान शामिल किया गया) को लाने का उद्देश्य रखा गया है। योजना के तहत सभी 31 प्रदेशों/ केंद्र शासित प्रदेशों में 16 क्षेत्रों में मसलन कृषि, परिधान, ऑटोमोबाइल, सौंदर्य और कल्याण आदि को शामिल किया गया है।</li> <li>अभी तक इस योजना के तहत राज्यों के साथ समन्वय में 2,03,127 लोग इसका लाभ ले चुके हैं।</li> </ul> <h4 style="text-align: justify;">कौशल विकास के लिए आम मानदंड</h4> <ul style="text-align: justify;"> <li>देशभर में शुरू की गई कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में मानकीकरण एवं स्थिरता को लेकर केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के लिए 15 जुलाई 2015 को कौशल विकास के लिए आम मानदंड के संदर्भ में अधिसूचना जारी की गई है। ये मानदंड व्यापक अंतरमंत्रालयी परामर्श के बाद तैयार किए गए हैं।</li> <li>15 जुलाई 2015 को विश्व युवा दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री ने इस पहल क शुरुआत की।</li> </ul> <h4 style="text-align: justify;">अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता एवं कौशल विकास पर संपर्क</h4> <ul style="text-align: justify;"> <li>एमएसडीई ने ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात जैसे आदि देशों के साथ अपने बेहतरीन कामों के आदान-प्रदान एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के संरेखण को सुनिश्चित किया है।</li> <li>वैश्विक स्तर पर कौशल विकास के मामले में भारत के प्रदर्शन में सुधार आया है।</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">विश्व बैंक की परियोजनाएं</h3> <p style="text-align: justify;">देश में औद्योगिक प्रशिक्षण उन्नत बनाने के लिए एमएसडीई ने न केवल मौद्रिक समर्थन बल्कि बेहतरीन नीतियों को लागू करने को लेकर विश्व बैंक के साथ साझेदारी की है। विश्व बैंक के साथ एक अरब डॉलर का स्किल ट्रेनिंग फॉर इम्पॉलबेलिटि लेवेरेजिंग पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का प्रस्ताव है। साथ ही स्किल ट्रेनिंग फॉर इंडस्ट्री वैल्यू इनहैंसमेंट पर 537.50 मिलियन डॉलर खर्च आने का अनुमान है।</p> <p style="text-align: justify;">(अ) विश्व बैंक के साथ स्किल ट्रेनिंग फॉर इम्पॉलायबेलिटि लेवेरेजिंग पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>इस परियोजना का उद्देश्य नेशनल स्किल डेवलपमेंट मिशन (एनएसडीएम) को अनिवार्य तौर पर किर्यान्वयन करना है जिसे कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय 15 जुलाई को शुरू किया था।</li> <li>इस परियोजना को विश्वबैंक की मदद से मिशन मोड में लागू किया जाना है और एनएसडीएम के साथ इसे सम्बद्ध किया जाना है।</li> <li>इसके मुख्य उद्देश्यों में मौजूदा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का लाभ लेने, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षकों का समूह बनाना, राज्य स्तर पर सभी कौशल प्रशिक्षण गतिविधियों की प्रगति, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए मजबूत निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली की स्थापना, वंचित समूहों को कौशल प्रशिक्षण को अवसर मुहैया कराना, सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि विनिर्माण क्षेत्रों में कौशल आवश्यकताओं की पूर्ति के द्वारा भारत की पहल में मेक इन इंडिया को पूरा कराना शामिल है।</li> <li>परियोजना का लक्ष्य 50 लाख लोगों को कौशल की ट्रेनिंग की सुविधा मुहैया कराना है।</li> </ul> <p style="text-align: justify;"> </p> <p style="text-align: justify;">(आ) विश्व बैंक के साथ स्किल ट्रेनिंग फॉर इंडस्ट्रियल वैल्यू इनहैंसमेंट प्रोग्राम</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन को बढ़ावा देने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण सुधार परियोजना (वीटीआईपी) के तहत दूसरे दौर में स्किल ट्रेनिंग फॉर इंडस्ट्रियल वैल्यू इनहैंसमेंट प्रोग्राम को तैयार किया गया है। एनएसडीएम के दो मिशन हैं। एक सांस्थानिक प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षक। इसके तहत आटीआई संस्थानों के जरिये गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार किया जाना है।</li> <li>स्किल ट्रेनिंग फॉर इंडस्ट्रियल वैल्यू इनहैंसमेंट प्रोग्राम से दो मिशनों को लागू करने में मदद मिलेगी।</li> </ul> <p style="text-align: justify;">(अ) कार्यस्थल की स्थिति में सुधार एवं विस्तार</p> <p style="text-align: justify;">(बी) कार्यक्षमता को बेहतर बनाना और आईटीआई संस्थानों के जरिये श्रम बाजार को प्रासंगिक बनाना शामिल है।</p> <p style="text-align: justify;">(स) प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण की दक्षता में सुधार के लिए</p> <h3 style="text-align: justify;">कौशल के आकलन और प्रमाणन के लिए राष्ट्रीय बोर्ड</h3> <ul style="text-align: justify;"> <li>गुणवत्ता और कौशल प्रशिक्षण योग्यता की निरंतरता को सुनिश्चित करने के लिए कौशल के आकलन और प्रमाणन के लिए राष्ट्रीय बोर्ड की स्थापना की गई है। इसका काम देश में कौशल विकास की ट्रेनिंग कोर्स के जरिये परीक्षाएं लेना, राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण देने एवं आकलन का काम होता है।</li> <li>इस प्रकार यह परिकल्पना की गई है कि बोर्ड एक स्वायत्त संस्थान होगा, जो देश में उच्चस्तरीय कौशल के लिए वातावरण तैयार करने एवं उसके आकलन को अनिवार्य तौर पर सुनिश्चित करने का काम करेगा।</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">मल्टी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स (एमएसटीआई)</h3> <ul style="text-align: justify;"> <li>एमएसडीई 1500 मल्टी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करेगा, जो पीपीपी मोड के तहत नई पीढ़ी के आईटीआई संस्थान होंगे</li> <li>मल्टी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को देश के उन हिस्सों में स्थापित किया जाएगा जो सुविधाओं से वंचित हैं। मंजूरी के लिए इसे ईएफसी के पास भेजा गया है।</li> <li>इस योजना के जरिये यह कल्पना की गई है कि देश के जो हिस्से सुविधाओं से वंचित रह गए हैं, वहां सरकार की सहायता से लोगों को उच्चस्तरीय कौशल प्रशिक्षण का अवसर मिल सके। इसी लिए ऐसे क्षेत्रों में मल्टी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित किए जाएंगे। देश में अभी 2,500 ऐसे क्षेत्र हैं।</li> <li>पीपीपी मोड से निजी क्षेत्र के अलावा सरकारी मदद भी मिलती रहेगी।</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">आदर्श कौशल केंद्र</h3> <ul style="text-align: justify;"> <li>उच्च गुणवत्तायुक्त, अल्पकालिक पाठ्यक्रमों के लिए कौशल प्रशिक्षण के अवसर मुहैया कराने के लिए पूरे देश के हर जिले में आदर्श कौशल केंद्रों की स्थापना की जाएगी।</li> <li>इन केंद्रों का क्षेत्रफल 5000 से 8000 वर्ग फीट होगा और इसके क्लासरूप आधुनिक उपकरणों से लैस होंगे।</li> <li>प्रशिक्षण को सुनिश्चित करने के लिए बॉयोमेट्रिक अटैंडेंस की सुविधा होगी। काउंसलिंग के लिए अलग से व्यवस्था होगी। साथ ही यहां प्लेसमेंट भी किए जाएंगे।</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">उद्योग की विशेष मांग के अनुरूप रोजगारपरक पाठ्यक्रम</h3> <ul style="text-align: justify;"> <li>कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के प्रशिक्षण निदेशालय ने औद्योगिक क्षेत्रों को विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ लेने की अनुममित दे दी है।</li> <li>शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के जरिये संचालित कोर्स), मॉड्यूलर एम्पलॉयबल स्किल्स कोर्स पर आधारित कौशल विकास पहल के लिए खिड़की खोली गई है। इस कोर्स से युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि उन्हें रोजगार मिल सके।</li> <li>इस संबंध में प्रशिक्षण निदेशालय और औद्योगिक इकाइयों एवं नियोक्ताओं के एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हुए हैं।</li> <li>कोर्स को इस तरह से तैयार किया गया है कि उदयोग/नियोक्ता न्यूनतम छह के लिए 80 फीसदी लोगों को रोजगार मुहैया करा पाएं।</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में सुधार</h3> <ul style="text-align: justify;"> <li>वर्ष 2015 में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से अलग कर कौशल विकास एवं रोजगार मंत्रालय बनाए जाने के बाद से भारत में आईटीआई के माहौल में काफी बदलाव आया है।</li> <li> <div id="_mcePaste">अभी देशभर में 13,105 आटीआई संस्थान हैं।</div> <div id="_mcePaste"> </div> <div id="_mcePaste">इन आईटीआई संस्थानों में 126 ट्रेडों में 18.66 लाख उम्मीदवारों के व्यावसायिक प्रशिक्षण लेने की क्षमता है।</div> <div id="_mcePaste"> </div> <div id="_mcePaste"> </div> <div id="_mcePaste">उपर्युक्त में 5-10 अहम योजनाओं पहलों का आदमी को मिला लाभ</div> अभी देशभर में 13,105 आटीआई संस्थान हैं। इन आईटीआई संस्थानों में 126 ट्रेडों में 18.66 लाख उम्मीदवारों के व्यावसायिक प्रशिक्षण लेने की क्षमता है।<br /><br />उपर्युक्त में 5-10 अहम योजनाओं पहलों का आदमी को मिला लाभ ।</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">उपलब्धियां</h3> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई)</p> <p style="text-align: justify;">31 मार्च 2016 को योजना को लागू किए हुए एक वर्ष पूरा हो गया। इसकी उपलब्धियां निम्नलिखित है -</p> <ol style="text-align: justify;"> <li>राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा निजी तौर पर कौशल प्रशिक्षण वातावरण तैयार किया गया-राष्ट्रीय कौशल<img class="image-right" src="https://static.vikaspedia.in/media/images_hi/social-welfare/91594c936932-93593f91593e938/91594c936932-93593f91593e938/92d93e930924-93893091593e930-915940-91594c936932-93593f91593e938-92f94b91c92893e92f947902-935-91593e93094d92f91594d93092e/kau3.jpg" />विकास निगम के साझेदारों ने पिछले दो वर्षों में 60,78,999 को प्रशिक्षित किया और तकरीबन 19,273,48 लोगों को रोजगार दिलाया। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने अब तक 80.33 लाख छात्रों को प्रशिक्षित किया।</li> <li>राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने 11 नई सामरिक क्षेत्र कौशल परिषदों को शुरू किया है। पिछले दो वर्षों में कौशल विकास के आला क्षेत्रों में प्रोत्साहन दिया गया है।</li> <li>राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने अपनी मुहिम में 138 ट्रेनिंग साझेदारों को जोड़ा है। देशभर में 267 प्रशिक्षण साझेदारों को जोड़ा गया।</li> <li><span style="text-align: justify;">कौशल विकास के लिए सामान्य नियम- </span><span style="text-align: justify;">नवंबर 2014 में विभिन्न मंत्रालयमों में 52 कार्यक्रम संचालित किए गए। इस संबंध में इन सभी मंत्रालयों के अपने नियम एवं मानक हैं। एक अप्रैल 2016 से आम मानदंडों का कार्यान्वयन किया जा रहा है। इसके साथ ही सभी मंत्रालयों में एक किस्म की सक्रियता देखी जा रही है।</span></li> <li><span style="text-align: justify;">राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क का संचालन (एनएसक्यूएफ)-</span><span style="text-align: justify;">कौशल प्रशिक्षण के परिणामों में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क को तैयार किया गया। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और आईटीआई ने 31 मार्च 2016 तक 1661 से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षत किया। दिसंबर 2016 तक सभी सरकारी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क से जोड़ दिया जाएगा।</span></li> <li><span style="text-align: justify;">आईटीआई को पुनर्जीवित किया-</span><span style="text-align: justify;">1,141 नए आटीआई बनाए गए जिनमें 1.73 लाख सीटें हैं,</span><span style="text-align: justify;">केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों के महानिदेशालय ने 15,000 अनुदेशकों को प्रशिक्षित किया है।</span><span style="text-align: justify;">सभी राज्यों में स्थित सभी आईटीआई संस्थानों में आईएसओ 29990:2010 प्रमाणन की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।</span><span style="text-align: justify;">औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स शुरू किया गया है जिसे 12वीं कक्षा के बराबर माना जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है।</span><span style="text-align: justify;">दूरस्थ शिक्षा का ढांचा तैयार किया गया और 18000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया गया ।</span><span style="text-align: justify;">सरकारी आईटीआई संस्थानों के प्रधानाचार्यों में क्षमता निर्माण को लेकर विभिन्न प्रकार प्रशिक्षण दिए गए </span><span style="text-align: justify;">इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों की शत-प्रतिशत उपयोगिता के लिए उनके साथ साझेदारी की गई है।</span></li> <li><span style="text-align: justify;">उद्यमिता- </span><span style="text-align: justify;">उद्यमिता के तहत शिक्षकों द्वारा बड़े पैमाने पर ओपेन ऑनलाइन कोर्स (एमओओसी) के जरिये 2200 कॉलेजों, 300 स्कूलों, 500 सरकारी आईटीआई संस्थानों, 50 व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों को उद्यमिता, शिक्षा एवं प्रशिक्षण मुहैया कराया गया।</span><span style="text-align: justify;">उद्यमिता संसाधन और समन्वय केन्द्रों के माध्यम से उद्यमिता का क्रियान्वयन किया गया जिसे राष्ट्रीय ई-केंद्र, 6 क्षेत्रीय ई-केंद्र, 50 नोडल ई-केंद्र और अन्य ई-केंद्रों(कॉलेजों, स्कूलों, आईटीआई संस्थानों, व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों) का नाम दिया गया।</span></li> </ol> <h3><span style="text-align: justify;">अतीत के विरोधाभास एवं वर्तमान स्थिति</span></h3> <p style="text-align: justify;">नवंबर 2014 में मंत्रालय के गठन के साथ ही इसने अपने पहले साल में स्वतः ही एमएसडीई ने गतिशील कौशल पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत कर ली और भारत के कौशल प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र को पुन: जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। पिछले एक वर्ष में उपर्युक्त पांच पहलों/योजनाओं को शुरू किया गया है अथवा उन्हें शुरू करने की दिशा में पहल की गई है। आम आदमी को इन योजनाओं को लाभ मिले इसके लिए एमएसडीई लगातार इनकी निगरानी कर रहा है और उसे लागू कर रहा है।</p> <p style="text-align: justify;"> </p> <p style="text-align: justify;">स्रोत: <a class="external_link ext-link-icon external-link" title=" पत्र सूचना कार्यालय (नए विंडोज में खुलने वाली अन्य वेबसाइट लिंक)" href="http://pib.nic.in/" target="_blank" rel="noopener">पत्र सूचना कार्यालय</a></p> </div>