बाढ़ आने से पहले अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। शांत रहें। घबराएं नहीं आपातकालीन संपर्क के लिए मोबाइल फोन हमेशा चार्ज रखें; एसएमएस का प्रयोग करें रेडियो, टीवी, समाचार पत्र के माध्यम से मौसम की ताज़ा जानकारी रखें मवेशियों / पालतू जानवरों की सुरक्षा के लिए उन्हें बांध कर नहीं रखें सुरक्षा और जीवन रक्षा के लिए आवश्यक वस्तुओं की इमरजेंसी किट तैयार कर लें प्राथमिक उपचार पेटी में सांप काटने और डायरिया की दवा अवश्य रखें महत्वपूर्ण काग़ज़ात और अन्य कीमती चीजें वॉटर-प्रूफ थैलों में रखें बाढ़ के दौरान बाढ़ के पानी में ड्राइव न करें बाढ़ के पानी में जाने से बचें। यदि जरुरी होतो उचित जूते पहनें। ताज़ा पका हुआ अथवा सूखा खाना खाएं। खाने को हमेशा ढक कर रखें पानी उबालकर/ क्लोरीन डालकर पिएं सीवर लाइनों, गटरों, नालों, पुलियों आदि से दूर रहें बिजली के खम्भों और गिरे/टूटे हुए बिजली के तारों से बच कर रहें। इन से बिजली केजानलेवा झटके लग सकते हैं। डिसइन्फेक्टेंट से अपने आसपास की जगहों को साफ रखें बाढ़ के बाद बच्चों को बाढ़ के पानी में न जाने दें क्षतिग्रस्त बिजली उपकरणों का प्रयोग नहीं करें: पहले उनकी जांच करा लें बिजली के टूटे खम्भों और तारों; धारदार चीजों और मलबों से सतर्क रहे बाढ़ के पानी में भीगा खाना न खाएं मलेरिया से बचने के लिए मच्छरदानी लगाएं पानी की पाइप/ सीवर में टूट-फूट हो तो शौचालय या नल के पानी का उपयोग नहीं करें यदि घर खाली करना पड़े फर्नीचर, अपलायंसेज को बिस्तर और मेज के ऊपर रखें टॉयलेट बोल में रेत की बोरी रख दें और सभी नालों को ढक दें ताकि सीवर का पानी वापस घर के अंदर नहीं आए बिजली और गैस के कनैक्शन बंद कर दें इमरजेंसी किट, प्राथमिक उपचार पेटी और कीमती सामान अपने साथ रखें गहरे पानी में नहीं उतरें। यदि आवश्यक हो तो पहले एक डंडे से पानी की गहराई का अनुमान लें स्थानीय अधिकारियों की अपील के बाद ही वापस अपने घर आए स्त्राेत: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(एन.डी.एम.ए.), भारत सरकार।