भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा चालू वर्ष के दौरान गर्म मौसम के लिए जारी मौसमी पूर्वानुमान से पता चलता है कि देश के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। इसलिए, कार्यरत श्रमिकों और मजदूरों को प्रचंड गर्मी से बचाने के लिए प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने की सलाह दी है। बहु-क्षेत्रीय और बहुआयामी प्रशासनिक दृष्टिकोण के माध्यम से अत्यधिक गर्म मौसम के प्रतिकूल प्रभावों के प्रबंधन और शमन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। अत्यधिक गर्मी की लहरों से श्रम बल की सुरक्षा के उपाय कामगारों/श्रमिकों द्वारा उठाए जाने वाले कदम कामगारों/श्रमिकों को गर्मी की प्रचंड लहर से बचाने और बढ़े तापमान के प्रतिकूल प्रभावों के शमन उपायों विभिन्न क्षेत्रों में कर्मचारियों/श्रमिकों के लिए जिसमें कार्य समय के पुनर्निर्धारण खदान और फैक्ट्री प्रबंधन को काम की गति धीमी करने, उपयुक्त कार्यसूची निर्धारित करने, अत्यधिक गर्मी में दो-व्यक्ति दल का उपयोग करने और भूमिगत खदानों में उचित वेंटिलेशन प्रदान करने के लिए कहा जाना चाहिए। पर्याप्त पेयजल सुविधाएं सुनिश्चित करना, कार्य स्थलों, विश्राम स्थलों में वायु-संचार और शीतलन सुविधा कार्यस्थल पर पर्याप्त पेयजल सुविधाएँ और इलेक्ट्रोलाइट सप्लीमेंट सुनिश्चित करना। बहुत ज़्यादा गर्मी की स्थिति में, कर्मचारियों को हर 15-20 मिनट में कम से कम एक गिलास पानी पीना चाहिए विश्राम क्षेत्र यथासंभव कार्यस्थल के निकट स्थित होना चाहिए कार्य क्षेत्रों में पर्याप्त वेंटिलेशन और शीतलन सुनिश्चित करें ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें, जो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति करने में मदद करता है, बर्फ के पैक और गर्मी से होने वाली बीमारियों के खिलाफ अन्य निवारक उपाय करें। श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच तथा निर्माण श्रमिकों को आपातकालीन आइस पैक (बर्फ के पैकेट) और गर्मी से होने वाली बीमारियों की बचाव सामग्री उपलब्ध कराना जागरूकता शिविरों, श्रमिक चौकों आदि पर पोस्टर और बैनर के माध्यम से श्रमिकों को अत्यधिक गर्मी से बचाव के तरीकों के बारे में व्यापक जानकारी दी जानी चाहिए। श्रम शक्ति द्वारा उठाए जाने वाले कदम पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और जितनी बार संभव हो, पिएं, भले ही प्यास न लगी हो हल्के, हल्के रंग के, ढीले और छिद्रयुक्त सूती कपड़े पहनें। धूप में बाहर जाते समय सुरक्षात्मक चश्मा, छाता/टोपी, जूते या चप्पल का उपयोग करें। यदि आप बाहर काम करते हैं, तो टोपी या छाता का उपयोग करें और अपने सिर, गर्दन, चेहरे और अंगों पर नम कपड़ा भी रखें शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय से बचें, जो शरीर को निर्जलित करते हैं। उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी भोजन न खाएं। यदि आप बेहोशी या बीमार महसूस करें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। ओआरएस, घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ आदि का प्रयोग करें जो शरीर को पुनः हाइड्रेट करने में मदद करते हैं। सनस्ट्रोक से प्रभावित व्यक्ति के उपचार के लिए सुझाव व्यक्ति को ठंडी जगह पर, छाया में लिटाएँ। उसे गीले कपड़े से पोंछें/शरीर को बार-बार धोएँ। सिर पर सामान्य तापमान का पानी डालें। मुख्य बात शरीर के तापमान को कम करना है। व्यक्ति को ओआरएस या नींबू का शर्बत/तोरानी या जो भी शरीर को पुनः जलयुक्त बनाने के लिए उपयोगी हो, पिलाएं। व्यक्ति को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। रोगी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता है, क्योंकि हीट स्ट्रोक घातक हो सकता है। स्रोत : राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण