परिचय श्रम और रोजगार मंत्रालय, जो भारत सरकार के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण मंत्रालयों में से एक है, जो कामगारों के हितों की रक्षा और सुरक्षा करते हुए, विभिन्न श्रम कानूनों, जो श्रमिकों की सेवा और रोजगार के नियमों और शर्तों को विनियमित करते हैं, के अधिनियमन और कार्यान्वयन द्वारा संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों में कल्याण को बढ़ावा देकर और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करके देश के श्रम बल के जीवन और सम्मान में सुधार लाने के लिए लगातार कार्यशील है। तदनुसार, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने असंगठित कामगारों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के लिए ई-श्रम पोर्टल विकसित किया है, जिसे आधार के साथ जोड़ा जाएगा। इसमें नाम, व्यवसाय, पता, शैक्षिक योग्यता, कौशल स्वरूप और परिवार इत्यादि का विवरण होगा ताकि उनकी रोजगार क्षमता का इष्टतम उपयोग हो सके और उन तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभों का विस्तार किया जा सके। यह प्रवासी कामगारों,सन्निर्माण कामगारों, गिग और प्लेटफॉर्म कामगारों आदि सहित असंगठित कामगारों का ऐसा पहला राष्ट्रीय डेटाबेस है। ऑनलाइन पंजीकरण ऑनलाइन पंजीकरण के लिए, व्यक्तिगत श्रमिक ई-श्रम के मोबाइल एप्लिकेशन या वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं। वे इस पोर्टल में अपना पंजीकरण कराने के लिए सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी), राज्य सेवा केंद्र, श्रम सुविधा केंद्रों, डाक विभाग के डिजिटल सेवा केंद्रों के चुने हुए डाकघरों में भी जा सकते हैं। ई-श्रम कार्ड एवं मिलने वाले लाभ ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के बाद असंगठित श्रमिकों को एक डिजिटल ई-श्रम कार्ड प्राप्त होगा और वे पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने प्रोफाइल/विवरण को अपडेट कर सकते हैं। उनके पास एक सार्वभौमिक खाता संख्या (ई-श्रम कार्ड पर) होगी जो पूरे देश में स्वीकार्य होगी और अब उन्हें सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त करने के लिए विभिन्न स्थानों पर पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि कोई कर्मचारी ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत है और किसी दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तो वह मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 2.0 लाख रुपये और आंशिक विकलांगता पर 1.0 लाख रुपये प्राप्त करने का पात्र होगा। असंगठित क्षेत्र के श्रमिक एवं पंजीकरण संख्या भारत में रोजगार सृजन में इन दो क्षेत्रों की विशाल मात्रा को देखते हुए, पंजीकृत श्रमिकों की सबसे बड़ी संख्या कृषि और निर्माण से है। इसके अतिरिक्त, घरेलू और गृह कार्य से जुड़े श्रमिकों, परिधान क्षेत्र के श्रमिकों, ऑटोमोबाइल और परिवहन क्षेत्र के श्रमिकों, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्ड वेयर श्रमिकों, पूंजीगत वस्तु श्रमिकों, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, खुदरा, पर्यटन और आतिथ्य, खाद्य उद्योग तथा अन्य कई जैसे विविध और विभिन्न व्यवसायों के श्रमिकों ने इस पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। वर्तमान स्थिति इन पंजीकृत श्रमिकों में से लगभग 65.68 प्रतिशत 16-40 वर्ष के आयु वर्ग के हैं और 34.32 प्रतिशत 40 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के हैं। इन श्रमिकों की सामाजिक संरचना में इन श्रेणियों से क्रमशः लगभग 43 प्रतिशत और 27 प्रतिशत के साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और सामान्य जातियां शामिल हैं तथा अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के 23 प्रतिशत और 7 प्रतिशत श्रमिक शामिल हैं। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश राज्य सबसे अधिक पंजीकरण के साथ इस पहल में सबसे आगे हैं, जैसा कि नीचे दिए गए ग्राफ में दर्शाया गया है। हालाँकि, इस संख्या को सावधानी के साथ परिप्रेक्ष्य में रखा जाना चाहिए। जैसा कि समझा जा सकता है, छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पंजीकृत कर्मचारियों की संख्या कम है। साथ ही, इस अभियान को मेघालय, मणिपुर, गोवा और चंडीगढ़ जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गति प्राप्त करने की आवश्यकता है। विविध व्यवसायों से जुड़े श्रमिक निर्माण, परिधान निर्माण, मछली पकड़ने, गिग और प्लेटफॉर्म वर्क, स्ट्रीट वेंडिंग, घरेलू कार्य, कृषि और संबद्ध कार्यों, परिवहन क्षेत्र जैसे विविध व्यवसायों से जुड़े श्रमिकों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इनमें से कुछ क्षेत्रों में प्रवासी श्रमिकों की एक बहुत बड़ी संख्या भी जुड़ी हुई है। प्रवासी श्रमिकों सहित सभी असंगठित श्रमिक अब ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के माध्यम से विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और रोजगार आधारित योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। पंजीकरण करने के लिए एवं ज्यादा जानकारी के लिए क्लिक करें। स्त्राेत : पसूका एवं श्रम एवं राेजगार मंत्रालय, भारत सरकार।